होमपेज पर हमने जमाबंदी देखने की सामान्य प्रक्रिया बताई थी। यह पेज उसी का गहराई वाला हिस्सा है — यहाँ हर खोज तरीके को अलग-अलग समझाया गया है, स्क्रीन पर दिखने वाले हर कॉलम की जानकारी दी गई है, और हर तरीके से जुड़ी अपनी अलग समस्याओं का हल भी है।

📌 जमाबंदी पंजी-II असल में है क्या?

जमाबंदी पंजी-II वह रजिस्टर है जिसमें अंचल कार्यालय हर खाते के मौजूदा रैयत (मालिक), खेसरा, रकवा और लगान का ब्यौरा दर्ज करता है। यह खतियान से अलग है क्योंकि खतियान एक बार के सर्वे का रिकॉर्ड है, जबकि जमाबंदी पंजी-II दाखिल-खारिज होने पर लगातार अपडेट होती रहती है।

पहले चार ज़रूरी चरण (सभी तरीकों के लिए समान)

  1. पोर्टल पर जाएं: biharbhumi.bihar.gov.in खोलें और होमपेज पर "जमाबंदी पंजी देखें" या "View Jamabandi Register" विकल्प चुनें।
  2. जिला और अंचल चुनें: ड्रॉपडाउन से अपना जिला चुनें, फिर उसके अंतर्गत आने वाला अंचल (सर्कल) चुनें और Proceed पर क्लिक करें।
  3. हल्का और मौजा चुनें: अंचल के अंतर्गत आने वाला हल्का (Halka) चुनें, फिर उसमें अपना मौजा (गाँव) चुनें। एक जैसे नाम वाले कई मौजा हो सकते हैं — सही अंचल की सूची में से ही चुनें।
  4. वित्तीय वर्ष चुनें (अगर पूछा जाए): कुछ मौजों के लिए पोर्टल वित्तीय वर्ष चुनने को कहता है, क्योंकि रिकॉर्ड वर्षवार अपडेट होता है। अनिश्चित होने पर सबसे हालिया उपलब्ध वर्ष चुनें और Proceed करें।

खोज के सभी 7 तरीके — कौन सा कब इस्तेमाल करें

मौजा (और लागू होने पर वित्तीय वर्ष) चुनने के बाद पोर्टल खोज के लिए कई विकल्प देता है। नीचे हर तरीके को अलग से समझाया गया है — ध्यान रहे, पोर्टल पर विकल्पों के नाम और क्रम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए स्क्रीन पर जो दिखे उसे ही अंतिम मानें।

तरीकाकब इस्तेमाल करेंक्या भरना होगा
रैयत के नाम सेजब खाता/खेसरा नंबर याद न होखाताधारी का पूरा नाम — अलग-अलग वर्तनी में भी ट्राई करें
खाता संख्या सेजब खतियान/पुरानी रसीद में खाता नंबर मौजूद होखाता संख्या
खेसरा/प्लॉट संख्या सेजब किसी विशेष प्लॉट की जानकारी चाहिएखेसरा संख्या
जमाबंदी संख्या सेजब पुरानी जमाबंदी की रसीद/प्रति में यह संख्या दर्ज होजमाबंदी संख्या
कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या सेजब हाल की डिजिटल प्रति में यह नंबर छपा होकंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या
समस्त पंजी-II (नाम अनुसार)जब पूरे मौजा की सूची क्रमवार देखनी होकुछ नहीं — सीधे सूची खुलती है, उसमें से नाम ढूंढें
भाग-वर्तमान एवं पृष्ठ संख्या सेजब पुरानी रजिस्टर प्रति में पेज/भाग नंबर लिखा मिलेभाग संख्या और पृष्ठ संख्या

🔍 मेरे लिए सही खोज तरीका कौन सा है?

बताएं आपके पास क्या जानकारी उपलब्ध है — इस पेज पर बताए गए 7 तरीकों में से सबसे उपयुक्त तरीका और उससे जुड़ी सलाह मिलेगी।

✅ आपके लिए सुझाया गया तरीका

इस्तेमाल करें:-
💡 सलाह: -

स्क्रीन पर दिखने वाले परिणाम में क्या-क्या होता है

खोज सफल होने पर जो विवरण खुलता है, उसमें आमतौर पर ये कॉलम होते हैं — पहली बार देखने वालों के लिए यह सूची उलझन कम करती है:

कॉलमइसका मतलब
रैयत का विवरणखाताधारी/मालिक का नाम और पहचान
खाता/खेसरा नंबरप्लॉट की पहचान संख्या
खेत की चौहद्दीप्लॉट की चारों दिशाओं की सीमाएं
किस्म ज़मीनभूमि की प्रकृति — जैसे रैयती, गैर-मजरुआ खास/आम
रकवाज़मीन का क्षेत्रफल (एकड़/डिसमिल/हेक्टेयर में)
लगान एवं सेसज़मीन पर लागू सरकारी राजस्व शुल्क — bhulagan.bihar.gov.in पर ऑनलाइन भरा जाता है
दखल का स्वरूपज़मीन पर कब्ज़े की प्रकृति
आदेश का सारांश व तिथिदाखिल-खारिज या सुधार से जुड़े पिछले आदेश का विवरण

हर तरीके से जुड़ी अपनी अलग समस्याएं

🚫 तरीकावार सामान्य दिक्कतें
  • नाम से खोज: पुरानी वर्तनी, उपनाम या पिता/पति के नाम के क्रम में अंतर होने से परिणाम नहीं मिलता — नाम के हिस्सों को अलग-अलग क्रम में आज़माएं।
  • खाता/खेसरा से खोज: अगर खाता या खेसरा हाल के सर्वे में बदला है, तो पुराना नंबर काम नहीं करेगा — भू-नक्शा से नया खेसरा नंबर पहले जांच लें।
  • जमाबंदी/कंप्यूटरीकृत संख्या से खोज: पुरानी हस्तलिखित रसीद में संख्या अस्पष्ट होने पर टाइपिंग की गलती हो सकती है — एक-एक अंक ध्यान से मिलाएं।
  • समस्त पंजी-II सूची: बड़े मौजा में सूची लंबी होती है — नाम खोजने के लिए ब्राउज़र के "इस पेज में खोजें" (Ctrl+F) फ़ीचर का उपयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

जमाबंदी खोजने के लिए कौन-कौन से तरीके उपलब्ध हैं?
मौजा चुनने के बाद आमतौर पर रैयत के नाम, खाता संख्या, खेसरा/प्लॉट संख्या, जमाबंदी संख्या, कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या, समस्त पंजी-II (नाम अनुसार), और भाग-वर्तमान/पृष्ठ संख्या — इनमें से किसी एक तरीके से खोजा जा सकता है। पोर्टल पर विकल्पों की सूची समय-समय पर अपडेट होती रहती है, इसलिए स्क्रीन पर दिख रहे विकल्प ही अंतिम माने जाएं।
अगर मुझे अपना खाता या खेसरा नंबर याद नहीं है, तो जमाबंदी कैसे खोजूं?
ऐसे में रैयत के नाम से खोज या समस्त पंजी-II को नाम के अनुसार देखने वाला विकल्प चुनें। नाम अलग-अलग वर्तनी में दर्ज हो सकता है, इसलिए नाम के छोटे हिस्से या दूसरे प्रारूप में भी खोजने की कोशिश करें। खतियान की पुरानी प्रति मिल जाए तो उसमें खाता/खेसरा नंबर दर्ज होते हैं।
जमाबंदी विवरण में कौन-कौन सी जानकारी दिखती है?
आमतौर पर रैयत का नाम, खाता/खेसरा नंबर, खाताधारी संख्या, खेत की चौहद्दी, ज़मीन का किस्म, रकवा, लगान व सेस की राशि, दखल का स्वरूप, तथा संबंधित आदेश और उसकी तिथि की जानकारी दिखाई देती है।
पोर्टल वित्तीय वर्ष क्यों मांगता है?
जमाबंदी का रिकॉर्ड अलग-अलग वित्तीय वर्षों में अपडेट होता रहता है, इसलिए कुछ मौजों में सही और नवीनतम जानकारी दिखाने के लिए पोर्टल संबंधित वित्तीय वर्ष का चयन करने को कहता है। अनिश्चित होने पर सबसे हालिया वर्ष चुनकर देखें।
क्या एक जमाबंदी में एक से ज़्यादा रैयत (सह-खातेदार) का नाम हो सकता है?
हां, पुश्तैनी या साझा ज़मीन में एक ही खाते में कई सह-खातेदार दर्ज होना सामान्य है, और हर एक का हिस्सा (जैसे 1/3) अलग से दिखता है। हिस्से को लेकर कोई मतभेद हो तो बंटवारा-पत्र या पारिवारिक समझौते की प्रति देखें, ज़रूरत पड़ने पर अंचल कार्यालय से स्पष्टीकरण लें।
पोर्टल से निकाली गई जमाबंदी की PDF पर कोई सरकारी मुहर नहीं दिखती, क्या यह सामान्य है?
हां, यह सामान्य है। पोर्टल से मिली प्रति जानकारी और शुरुआती सत्यापन के लिए होती है। बैंक लोन, कोर्ट या रजिस्ट्री जैसे आधिकारिक कामों के लिए अंचल कार्यालय से मुहर-लगी प्रमाणित प्रति अलग से लेनी होती है।
🔗 आगे क्या पढ़ें

जमाबंदी में गलती मिले तो खतियान-जमाबंदी में अंतर पेज पढ़ें, और अगर आपका मौजा विशेष भूमि सर्वेक्षण के दायरे में है, तो विशेष भूमि सर्वेक्षण गाइड ज़रूर देखें। ज़मीन का सालाना भू-लगान ऑनलाइन भरने का तरीका होमपेज के भू-लगान सेक्शन में मिलेगा।