होमपेज पर भू-नक्शा देखने के बुनियादी चरण बताए गए थे। यहाँ हम उस एक चरण पर गहराई से बात करते हैं जिसे सबसे ज़्यादा लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं — सही सर्वे प्रकार चुनना — साथ ही मैप इंस्टेंस, प्लॉट-इन्फो के हर कॉलम और LPM रिपोर्ट की पूरी जानकारी।

📌 भू-नक्शा असल में दिखाता क्या है?

भू-नक्शा किसी मौजा का डिजिटल कैडेस्ट्रल मानचित्र है, जो हर खेसरा (प्लॉट) की सीमा, आकार और स्थिति दिखाता है। जमाबंदी सिर्फ़ नंबर बताती है — भू-नक्शा उस नंबर को ज़मीन पर असली आकार और पड़ोसी प्लॉट्स के साथ जोड़कर दिखाता है, जिससे सीमा-विवाद जैसे मामलों में असली स्थिति समझ आती है।

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. पोर्टल खोलें: biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं और भू-नक्शा / "View Map" विकल्प चुनें।
  2. District, Sub Division, Circle चुनें: अपना जिला, अनुमंडल और अंचल क्रम से चुनें।
  3. मौजा चुनें: सूची में से अपना मौजा (गाँव) चुनें — नक्शा उस क्षेत्र के लिए लोड होगा।
  4. सर्वे प्रकार चुनें — यहीं सबसे ज़्यादा गलती होती है: RS (Revisional Survey) या CS (Cadastral Survey) में से चुनना है। दोनों में एक ही ज़मीन के खेसरा नंबर अलग हो सकते हैं — नीचे इसे विस्तार से समझाया गया है।
  5. मैप इंस्टेंस और शीट नंबर चुनें: बड़े मौजा कई शीट्स और कई मैप इंस्टेंस में बंटे होते हैं — सही विकल्प न चुनने पर आपका प्लॉट नक्शे में नहीं दिखेगा।
  6. प्लॉट चुनें और विवरण देखें: नक्शे पर सीधे खेसरा नंबर पर क्लिक करें या सर्च बॉक्स से खोजें — "Plot Info" सेक्शन में विवरण खुल जाएगा।
  7. LPM रिपोर्ट डाउनलोड करें: Plot Info के नीचे "LPM Report" विकल्प पर क्लिक करें — प्लॉट की पूरी माप वाली PDF रिपोर्ट खुलेगी, जिसे डाउनलोड/प्रिंट किया जा सकता है।

RS बनाम CS सर्वे — यह फ़र्क क्यों मायने रखता है

सर्वे प्रकारक्या हैकब इस्तेमाल करें
CS (Cadastral Survey)राज्य का सबसे पुराना व्यवस्थित सर्वे रिकॉर्डपुराने ऐतिहासिक खेसरा नंबर या पुराने खतियान से मिलान करते समय
RS (Revisional Survey)CS के बाद हुआ संशोधित/अपडेटेड सर्वेमौजूदा जमाबंदी और हाल के लेन-देन से मिलान करते समय

एक ही ज़मीन का खेसरा नंबर CS में कुछ और, RS में कुछ और हो सकता है। इसलिए अगर एक सर्वे प्रकार में प्लॉट नहीं मिलता, तो दूसरा प्रकार बदलकर ज़रूर देखें — यही सबसे बड़ी वजह है जब लोग कहते हैं कि "मेरा खेसरा नंबर नक्शे में नहीं मिल रहा"। राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद आने वाले समय में एक तीसरा, नया नक्शा-सेट भी जुड़ेगा — उस स्थिति की जानकारी हमारी विशेष भूमि सर्वेक्षण गाइड में मिलेगी।

🧭 मुझे RS देखना चाहिए या CS?

आपके पास मौजूद दस्तावेज़ के आधार पर सही सर्वे प्रकार बताता है।

✅ सुझाव

पहले चुनें:-
💡 सलाह: -

प्लॉट-इन्फो में दिखने वाले कॉलम का मतलब

कॉलममतलब
खेसरा नंबरप्लॉट की पहचान संख्या (चुने गए सर्वे प्रकार के अनुसार)
रकवाप्लॉट का क्षेत्रफल — एकड़/डिसमिल/हेक्टेयर में
खाताधारी का नामउस खेसरा से जुड़ा मौजूदा रैयत का नाम
चौहद्दीप्लॉट की उत्तर-दक्षिण-पूर्व-पश्चिम सीमाएं और पड़ोसी खेसरा
शीट नंबरमौजा के किस मानचित्र-शीट में यह प्लॉट स्थित है
🚫 भू-नक्शा में सबसे आम दिक्कतें
  • गलत सर्वे प्रकार: RS/CS बदलकर दोबारा खोजें।
  • गलत शीट नंबर: बड़े मौजा में एक से ज़्यादा शीट होती हैं — पड़ोसी शीट नंबर भी आज़माएं।
  • एक से ज़्यादा मैप इंस्टेंस: कई मौजा में एक से ज़्यादा मैप इंस्टेंस उपलब्ध होते हैं और सही वाला पहले से बताने का कोई सीधा नियम नहीं है — बारी-बारी हर इंस्टेंस में अपना खेसरा खोजना ही व्यावहारिक तरीका है।
  • अनौपचारिक बंटवारा: परिवार में ज़मीन बंट चुकी हो पर नक्शे में अलग खेसरा न बना हो, तो पुराना बड़ा खेसरा ही दिखेगा — जमाबंदी से मिलान कर स्पष्ट करें।
  • सर्वे सक्रिय होना: विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान नक्शा अस्थायी रूप से अनुपलब्ध या बदला हुआ दिख सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

भू-नक्शा में RS और CS सर्वे में क्या फर्क है?
CS (Cadastral Survey) राज्य का सबसे पुराना व्यवस्थित सर्वे है, जबकि RS (Revisional Survey) उसके बाद हुआ संशोधित सर्वे है। दोनों सर्वे में एक ही ज़मीन के खेसरा नंबर अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए नक्शा देखते समय सही सर्वे प्रकार चुनना ज़रूरी है, वरना गलत प्लॉट की जानकारी मिल सकती है।
भू-नक्शा में मेरा प्लॉट दिख ही नहीं रहा, क्या करें?
पहले सर्वे प्रकार (RS/CS) बदलकर देखें, क्योंकि सही खेसरा दूसरे सर्वे में हो सकता है। मैप इंस्टेंस या शीट नंबर गलत चुना गया हो तो भी प्लॉट नहीं दिखता। अगर मौजा में सर्वे सक्रिय है, तो अस्थायी रूप से पुराना नक्शा उपलब्ध न होने की स्थिति बन सकती है — ऐसे में अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।
LPM रिपोर्ट क्या होती है और यह क्यों ज़रूरी है?
LPM (Land Parcel Map) रिपोर्ट भू-नक्शा पोर्टल से मिलने वाली एक PDF है, जिसमें प्लॉट की माप, आकार और सीमाओं की पूरी जानकारी होती है। यह ज़मीन खरीदने से पहले सीमाओं की पुष्टि और पारिवारिक बंटवारे में हिस्सेदारी स्पष्ट करने के लिए उपयोगी है।
भू-नक्शा में दिखने वाला रकवा और असली मौके पर मौजूद ज़मीन अलग क्यों लग सकते हैं?
कई बार परिवार में ज़मीन का आपसी बंटवारा अनौपचारिक रूप से हो जाता है, पर भू-नक्शा में खेसरा अलग से विभाजित होकर दर्ज नहीं होता। ऐसे में नक्शा एक ही बड़ा खेसरा दिखाता है, जबकि ज़मीन पर अलग-अलग हिस्से बन चुके होते हैं। ऐसी स्थिति में जमाबंदी जांचकर देखें कि अलग खेसरा बना है या नहीं, और ज़रूरत पड़ने पर अंचल कार्यालय से स्पष्टीकरण लें।
एक मौजा में एक से ज़्यादा मैप इंस्टेंस दिखें तो सही वाला कैसे चुनें?
बड़े या बंटे हुए मौजा में कई बार एक से ज़्यादा मैप इंस्टेंस उपलब्ध होते हैं, और यह पहले से बताने का कोई सीधा नियम नहीं है कि कौन-सा सही है। सबसे भरोसेमंद तरीका है बारी-बारी हर इंस्टेंस खोलकर अपना खेसरा नंबर खोजना — जिसमें प्लॉट मिल जाए, वही सही इंस्टेंस है।
क्या भू-नक्शा पोर्टल से मिली PDF बैंक या कोर्ट में सीधे मान्य होती है?
पोर्टल से मिली PDF आमतौर पर जानकारी और शुरुआती सत्यापन के लिए काम आती है। बैंक लोन, कोर्ट केस या रजिस्ट्री जैसे आधिकारिक कामों में अक्सर अंचल कार्यालय से प्रमाणित/स्टाम्प की हुई प्रति ही मान्य होती है, इसलिए बड़े लेन-देन से पहले अंचल कार्यालय से पुष्टि कर लें।
🔗 आगे क्या पढ़ें

भू-नक्शा के साथ जमाबंदी भी हमेशा मिलाकर देखें — जमाबंदी कैसे देखें पढ़ें। अगर आपका मौजा सक्रिय सर्वे में है, तो विशेष भूमि सर्वेक्षण गाइड ज़रूर देखें। ज़मीन का सालाना भू-लगान ऑनलाइन भरने का तरीका होमपेज के भू-लगान सेक्शन में मिलेगा।